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आमलकी एकादशी 2025: 09 या 10 मार्च, कब है आमलकी एकादशी? जानें सही डेट

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आमलकी एकादशी, जिसे आंवला एकादशी भी कहा जाता है, हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण व्रत माना जाता है। यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित होता है और इस दिन विशेष रूप से आंवला वृक्ष की पूजा की जाती है। आमलकी एकादशी 2025 में कब मनाई जाएगी? क्या यह 09 मार्च को होगी या 10 मार्च को? आइए जानें इस शुभ तिथि की सही जानकारी।

आमलकी एकादशी 2025: 09 या 10 मार्च, सही तिथि क्या है?

हिंदू पंचांग के अनुसार, आमलकी एकादशी फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनाई जाती है। 2025 में आमलकी एकादशी 09 मार्च, रविवार को पड़ेगी। हालांकि, कुछ लोग इसे 10 मार्च को भी मान सकते हैं, इसलिए इसका सही समय और व्रत पारण मुहूर्त जानना जरूरी है।

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आमलकी एकादशी 2025 का शुभ मुहूर्त

  • एकादशी तिथि प्रारंभ: 08 मार्च 2025 को रात्रि 10:15 बजे
  • एकादशी तिथि समाप्त: 09 मार्च 2025 को रात 08:45 बजे
  • पूजन का शुभ मुहूर्त: 09 मार्च 2025 को प्रातः 06:30 बजे से 11:00 बजे तक
  • व्रत पारण का समय: 10 मार्च 2025 को प्रातः 06:15 बजे से 08:45 बजे तक

इस पंचांग गणना के अनुसार, आमलकी एकादशी का व्रत 09 मार्च 2025 को रखा जाएगा और इसका व्रत पारण 10 मार्च 2025 को किया जाएगा।

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आमलकी एकादशी का महत्व

  • यह व्रत मोक्षदायिनी एकादशी के रूप में जानी जाती है और पुण्य फल प्रदान करती है।
  • मान्यता है कि इस दिन आंवला वृक्ष के नीचे भगवान विष्णु का वास होता है, इसलिए इसकी पूजा करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
  • इस दिन उपवास रखने से समस्त पापों का नाश होता है और मनुष्य को पुण्य की प्राप्ति होती है।
  • इस एकादशी का पालन करने से जीवन में सुख-शांति बनी रहती है और समृद्धि आती है।

आमलकी एकादशी की पूजा विधि

  1. प्रातःकाल स्नान कर व्रत का संकल्प लें।
  2. भगवान विष्णु की प्रतिमा या चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित करें।
  3. आंवला वृक्ष की जड़ में जल चढ़ाएं और उसकी परिक्रमा करें।
  4. भगवान विष्णु को तुलसी, पंचामृत, फल, एवं विशेष रूप से आंवले का भोग अर्पित करें।
  5. इस दिन विष्णु सहस्रनाम स्तोत्र एवं एकादशी व्रत कथा का पाठ करें।
  6. रात्रि जागरण करें और भजन-कीर्तन का आयोजन करें।
  7. अगले दिन व्रत पारण कर ब्राह्मणों या जरूरतमंदों को भोजन कराएं।

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व्रत पारण का महत्व

व्रत करने के बाद उसका विधिपूर्वक पारण करना अत्यंत आवश्यक होता है। यदि व्रत का पारण सही समय पर न किया जाए, तो व्रत का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता। इसलिए 10 मार्च को शुभ मुहूर्त में व्रत पारण करें और जरूरतमंदों को दान-दक्षिणा देकर इस व्रत का समापन करें।

निष्कर्ष

आमलकी एकादशी 2025 का व्रत भगवान विष्णु की कृपा पाने का एक विशेष अवसर है। आंवला एकादशी का पालन करने से पुण्य लाभ मिलता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है। इस शुभ दिन पर नियमपूर्वक व्रत करें, भगवान विष्णु का पूजन करें और अपने जीवन को सुख-समृद्धि से भरपूर बनाएं।

आप सभी को आमलकी एकादशी की हार्दिक शुभकामनाएं!

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