होलाष्टक का हिंदू धर्म में विशेष महत्व होता है। यह वह समय होता है जब सभी शुभ कार्यों को वर्जित माना जाता है। Holashtak 2025 का आरंभ कब हो रहा है, इसे लेकर लोगों में जिज्ञासा बनी रहती है। अगर आप भी जानना चाहते हैं कि इस साल होलाष्टक कब शुरू होगा और कब समाप्त होगा, तो यह लेख आपके लिए है। साथ ही, जानें इस दौरान किन कार्यों को करने से बचना चाहिए ताकि कोई अशुभ प्रभाव न पड़े।
Holashtak 2025 कब शुरू होगा और कब समाप्त होगा?
होलाष्टक 2025 की शुरुआत 6 मार्च, गुरुवार से होगी और यह 13 मार्च, गुरुवार को समाप्त होगा। यह आठ दिन का विशेष काल होता है, जो फाल्गुन शुक्ल अष्टमी से लेकर फाल्गुन पूर्णिमा तक चलता है। इस दौरान किसी भी शुभ कार्य जैसे विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, नामकरण, सगाई आदि को करने की मनाही होती है।
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होलाष्टक का महत्व और धार्मिक मान्यता
- धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन आठ दिनों में ग्रहों की स्थिति उग्र होती है, जिससे नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ जाता है।
- होलाष्टक के दौरान भगवान विष्णु और शिव की आराधना करने से नकारात्मक प्रभाव कम किए जा सकते हैं।
- यह समय आत्मशुद्धि, ध्यान और भक्ति के लिए सर्वोत्तम माना जाता है।

होलाष्टक के दौरान वर्जित कार्य
होलाष्टक के दौरान कई कार्यों को करने से बचना चाहिए, क्योंकि यह काल शुभ नहीं माना जाता।
- विवाह संबंधी कार्य न करें – इस दौरान शादी या सगाई जैसी मांगलिक गतिविधियों से बचना चाहिए।
- गृह प्रवेश न करें – नए घर में प्रवेश करना अशुभ माना जाता है।
- नया व्यवसाय शुरू न करें – इस दौरान नया व्यापार या किसी नई योजना की शुरुआत से बचें।
- यात्रा से बचें – विशेष रूप से लंबी यात्राओं से बचने की सलाह दी जाती है।
- नामकरण संस्कार न करें – बच्चों के नामकरण संस्कार के लिए यह समय उपयुक्त नहीं माना जाता।
होलाष्टक के दौरान क्या करें?
- भगवान विष्णु, शिव, और हनुमान जी की पूजा करें
- सात्विक भोजन ग्रहण करें और व्रत रखें
- गरीबों और जरूरतमंदों को दान करें
- होली से जुड़ी कथा का श्रवण करें और हवन करें
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होलाष्टक समाप्ति और होली का पर्व
होलाष्टक 13 मार्च 2025 को समाप्त होगा, जिसके बाद 14 मार्च को होलिका दहन और 15 मार्च को रंगों की होली खेली जाएगी। इस दिन सभी प्रकार के शुभ कार्य पुनः शुरू किए जा सकते हैं।
निष्कर्ष
Holashtak 2025 का समय आत्मशुद्धि, ध्यान और पूजा-पाठ के लिए उत्तम माना जाता है। इस दौरान शुभ कार्यों से परहेज करें और भगवान की आराधना में मन लगाएं। होलाष्टक के नियमों का पालन करने से जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।
आप सभी को होलाष्टक एवं होली की अग्रिम शुभकामनाएं!