Chaitra Navratri 2025 का विशेष महत्व है क्योंकि इस साल यह पर्व 9 नहीं बल्कि 8 दिन का रहेगा। इसका कारण तिथियों में घट-बढ़ होना है। हिंदू पंचांग के अनुसार, अष्टमी और नवमी एक ही दिन पड़ रही है, जिससे इस बार नवरात्रि केवल 8 दिनों की ही होगी।
चैत्र नवरात्रि हिंदू धर्म में विशेष स्थान रखती है और इस दौरान माँ दुर्गा के 9 स्वरूपों की पूजा की जाती है। यह समय सत्कर्म, साधना, व्रत, और भक्ति का होता है, जो नववर्ष की सकारात्मक शुरुआत करने के लिए शुभ माना जाता है।
आइए जानें Chaitra Navratri 2025 की तिथियां, अष्टमी-नवमी कब की है, कलश स्थापना मुहूर्त और व्रत कैलेंडर।
Chaitra Navratri 2025 कब से कब तक है?
चैत्र नवरात्रि 29 मार्च 2025 (शनिवार) से शुरू होगी और 5 अप्रैल 2025 (शनिवार) तक चलेगी। इस बार नवरात्रि 8 दिन की होगी क्योंकि अष्टमी और नवमी एक ही दिन मनाई जाएगी।

Chaitra Navratri 2025 का कैलेंडर:
दिन | तिथि | माता के स्वरूप |
पहला दिन (प्रतिपदा) | 30 मार्च 2025 (रविवार) | माँ शैलपुत्री की पूजा, कलश स्थापना |
दूसरा दिन (द्वितीया) | 31 मार्च 2025 (सोमवार) | माँ ब्रह्मचारिणी की पूजा |
तीसरा दिन (तृतीया) | 1 अप्रैल 2025 (मंगलवार) | माँ चंद्रघंटा की पूजा |
चौथा दिन (चतुर्थी) | 2 अप्रैल 2025 (बुधवार) | माँ कूष्मांडा की पूजा |
पाँचवा दिन (पंचमी) | 3 अप्रैल 2025 (गुरुवार) | माँ स्कंदमाता की पूजा |
छठा दिन (षष्ठी) | 4 अप्रैल 2025 (शुक्रवार) | माँ कात्यायनी की पूजा |
सातवां दिन (सप्तमी) | 5 अप्रैल 2025 (शनिवार) | माँ कालरात्रि की पूजा |
आठवां दिन (अष्टमी-नवमी) | 6 अप्रैल 2025 (रविवार) | महाअष्टमी और महानवमी दोनों एक ही दिन |
🔹 इस साल नवमी की तिथि संध्याकाल तक रहेगी, इसलिए कन्या पूजन और हवन 5 अप्रैल 2025 को ही किया जाएगा।
कलश स्थापना मुहूर्त (Kalash Sthapana Muhurat) – Chaitra Navratri 2025
कलश स्थापना नवरात्रि का सबसे महत्वपूर्ण अनुष्ठान है, जिसे शुभ मुहूर्त में करना आवश्यक होता है।
- कलश स्थापना तिथि: 30 मार्च 2025 (रविवार)
- शुभ मुहूर्त: [06:13 AM to 10:21 AM]
- अभिजीत मुहूर्त: [12:00 PM to 12:50 PM]
🔹 कलश स्थापना ब्रह्म मुहूर्त या अभिजीत मुहूर्त में करने से विशेष लाभ मिलता है।
Chaitra Navratri 2025 में अष्टमी-नवमी कब की है?
इस साल 5 अप्रैल 2025 (शनिवार) को ही महाअष्टमी और महानवमी दोनों पड़ेंगी।
- महाष्टमी तिथि प्रारंभ: [07:02 AM]
- महानवमी तिथि समाप्त: [07:50 PM]
इसलिए कन्या पूजन, हवन और नवमी व्रत का समापन एक ही दिन किया जाएगा।
Chaitra Navratri 2025 का महत्व (Significance of Chaitra Navratri)
चैत्र नवरात्रि विक्रम संवत का पहला दिन होता है, जिसे हिंदू नववर्ष की शुरुआत माना जाता है।
1. आध्यात्मिक और धार्मिक लाभ
- इस दौरान माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना करने से मानसिक शांति, आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मकता बढ़ती है।
- भक्त राम नवमी भी इसी नवरात्रि के दौरान मनाते हैं, जो भगवान श्रीराम के जन्म का उत्सव है।
2. व्रत और उपवास का महत्व
- व्रत करने से शरीर शुद्ध होता है और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।
- इस दौरान सात्विक भोजन (फल, दूध, सिंघाड़ा, साबूदाना) ग्रहण किया जाता है।
3. नवग्रह शांति और सफलता के लिए अनुष्ठान
- नवरात्रि के दौरान विशेष रूप से ग्रह दोष निवारण, नौकरी-व्यापार में वृद्धि और पारिवारिक सुख-समृद्धि के लिए पूजा की जाती है।

Chaitra Navratri 2025 में व्रत कैसे करें?
1. कलश स्थापना करें – पहले दिन माँ दुर्गा की मूर्ति के सामने कलश स्थापित करें।
2. अखंड ज्योत जलाएं – 9 दिन तक अखंड दीप जलाना शुभ माना जाता है।
3. दुर्गा सप्तशती पाठ करें – माँ दुर्गा के मंत्रों का जाप करें।
4. फलाहार व्रत करें – सात्विक आहार लें और लहसुन-प्याज से परहेज करें।
5. कन्या पूजन करें – महाअष्टमी या नवमी पर कन्याओं को भोजन कराएं और दक्षिणा दें।
निष्कर्ष (Conclusion)
इस बार Chaitra Navratri 2025 केवल 8 दिन की होगी क्योंकि अष्टमी और नवमी 5 अप्रैल को एक साथ पड़ेंगी। इस दौरान माँ दुर्गा की आराधना और व्रत करने से जीवन में शांति, समृद्धि और शक्ति की प्राप्ति होती है।
क्या आप इस बार Chaitra Navratri 2025 का व्रत और पूजा कर रहे हैं? हमें कमेंट में बताएं! जय माता दी! 🙏🔥