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मूंगा रत्न धारण करने के लाभ : मूंगा पहनने से खुल सकते हैं किस्मत के ताले, जानें कब और कैसे करें धारण

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वैदिक ज्योतिष में रत्नों का विशेष महत्व होता है, और मूंगा (Red Coral) ग्रह मंगल से जुड़ा हुआ एक प्रभावशाली रत्न माना जाता है। यह ऊर्जा, साहस और सफलता का प्रतीक है और इसे सही विधि से धारण करने से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आ सकते हैं।

यदि आप जानना चाहते हैं कि ज्योतिष के अनुसार मूंगा रत्न धारण करने के लाभ क्या हैं और इसे कब और कैसे धारण करना चाहिए, तो इस लेख में हम आपको इसकी संपूर्ण जानकारी देंगे।

मूंगा पत्थर का ज्योतिषीय महत्व

मूंगा ग्रह मंगल (Mars) से जुड़ा हुआ रत्न है, जो साहस, आत्मविश्वास और ऊर्जा प्रदान करता है। जिन व्यक्तियों की कुंडली में मंगल कमजोर होता है या जो मंगल दोष (Manglik Dosha) से प्रभावित होते हैं, उनके लिए मूंगा धारण करना अत्यधिक लाभकारी हो सकता है।

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मूंगा पहनने के ज्योतिषीय लाभ:

  • मंगल ग्रह की नकारात्मक ऊर्जा को शांत करता है।
  • जीवन में साहस, आत्मविश्वास और शक्ति प्रदान करता है।
  • आर्थिक स्थिरता और सफलता प्राप्त करने में मदद करता है।
  • मंगल दोष और वैवाहिक समस्याओं को दूर करता है।
  • स्वास्थ्य से संबंधित समस्याओं में भी लाभकारी होता है।

Red Coral Stone Benefits: मूंगा पहनने के लाभ

मूंगा रत्न कई प्रकार के लाभ प्रदान करता है, जो जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में सकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं।

✅ साहस और आत्मविश्वास बढ़ाता है

मूंगा रत्न पहनने से व्यक्ति में आत्मविश्वास और साहस बढ़ता है। यह उन लोगों के लिए विशेष रूप से लाभकारी है जो अपनी कमजोर इच्छाशक्ति या डर को दूर करना चाहते हैं।

✅ स्वास्थ्य लाभ

  • रक्त संचार को सुधारता है और रक्त विकारों में लाभ देता है।
  • हड्डियों, मांसपेशियों और जोड़ों को मजबूत करता है।
  • मानसिक तनाव और चिंता को कम करता है।

✅ आर्थिक और व्यावसायिक सफलता

  • मूंगा व्यापारियों, नेताओं और खेल से जुड़े लोगों के लिए अत्यंत लाभकारी होता है।
  • यह व्यक्ति में जोखिम उठाने की क्षमता बढ़ाता है, जिससे आर्थिक क्षेत्र में सफलता मिलती है।

✅ विवाह और रिश्तों में सुधार

  • जिन व्यक्तियों की कुंडली में मंगल दोष होता है, उनके विवाह में देरी या वैवाहिक जीवन में समस्याएं हो सकती हैं। मूंगा धारण करने से यह दोष कम हो सकता है।
  • वैवाहिक जीवन में सामंजस्य और प्रेम बढ़ाने में सहायक होता है।

✅ नकारात्मक ऊर्जाओं से सुरक्षा

  • मूंगा रत्न नजर दोष, बुरी शक्तियों और नकारात्मक ऊर्जा से बचाव करता है।
  • यह व्यक्ति की आभा (Aura) को मजबूत बनाता है और सकारात्मकता लाता है।

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मूंगा कब और कैसे धारण करें?

मूंगा रत्न को धारण करने से पहले कुछ महत्वपूर्ण नियमों और उपायों का पालन करना आवश्यक होता है।

1. सही दिन और समय:

  • मंगलवार को सुबह 5 से 7 बजे के बीच या मंगल होरा में मूंगा धारण करना शुभ माना जाता है।
  • इसे शुक्ल पक्ष में पहनना उत्तम होता है।

2. धारण करने की विधि:

  • मूंगा को चांदी, तांबे या सोने की अंगूठी में जड़वाकर पहनना चाहिए।
  • मूंगा पहनने से पहले इसे गंगा जल, शुद्ध दूध और शहद में डुबोकर शुद्ध करें।
  • भगवान हनुमान जी या मंगल देव की पूजा करें।
  • मंत्र:
    “ॐ अंगारकाय नमः” इस मंत्र का 108 बार जाप करें और फिर मूंगा धारण करें।

3. कौन पहन सकता है मूंगा?

  • मेष (Aries) और वृश्चिक (Scorpio) राशि के जातकों के लिए यह अत्यंत लाभकारी होता है।
  • जिन लोगों की कुंडली में मंगल कमजोर हो या मंगल दोष हो, वे इसे पहन सकते हैं।
  • व्यापारियों, सेना, पुलिस, डॉक्टर और खेल से जुड़े लोगों को इसे पहनने की सलाह दी जाती है।

4. कौन नहीं पहन सकता?

  • वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला, मकर और कुंभ राशि के लोगों को बिना ज्योतिषीय सलाह के इसे नहीं पहनना चाहिए।
  • यदि आपकी कुंडली में मंगल पहले से ही मजबूत है, तो मूंगा पहनने से गुस्सा और आक्रामकता बढ़ सकती है।

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निष्कर्ष

मूंगा रत्न धारण करने के लाभ, यह रत्न जीवन में सफलता, आत्मविश्वास, आर्थिक उन्नति और मानसिक शक्ति को बढ़ाता है। ज्योतिष के अनुसार मूंगा रत्न को सही तरीके से अपनाने पर यह आपके जीवन में चमत्कारी परिवर्तन ला सकता है।

यदि आप मूंगा धारण करने के बारे में अधिक जानकारी चाहते हैं, तो किसी अनुभवी ज्योतिषी से परामर्श लें। अपने कुंडली के अनुसार सही रत्न पहनने के लिए अभी विशेषज्ञ ज्योतिषी से कॉल या चैट पर संपर्क करें!

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