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वास्तु शास्त्र के अनुसार घर की बाहरी दीवार के रंग : घर के रंगों हेतु वास्तु टिप्स

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वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर के रंगों का हमारे जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है। खासतौर पर, घर के बाहर का रंग कैसा होना चाहिए, यह घर में सुख-समृद्धि, शांति और सकारात्मक ऊर्जा लाने में अहम भूमिका निभाता है। सही रंगों का चयन करने से घर के वास्तु दोष भी दूर होते हैं और सकारात्मक वातावरण बना रहता है।

इस लेख में, हम घर के रंगों हेतु वास्तु टिप्स साझा करेंगे, जिससे आप अपने घर के बाहरी रंगों को वास्तु के अनुरूप चुन सकें।

वास्तु शास्त्र के अनुसार घर के बाहरी दीवारों के रंगों का महत्व

घर के बाहरी दीवारों का रंग वास्तु शास्त्र में घर की ऊर्जा प्रवाह और दिशाओं के अनुसार निर्धारित किया जाता है। सही रंग न केवल घर को आकर्षक बनाते हैं बल्कि घर में रहने वाले लोगों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित करते हैं।

  • सही रंगों का चयन करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।
  • घर की दिशाओं के अनुसार सही रंग चुनने से वास्तु दोष समाप्त होते हैं।
  • बाहरी दीवारों पर सही रंग धन, स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि को बढ़ावा देते हैं।

घर के बाहर का रंग कैसा होना चाहिए? (दिशाओं के अनुसार सही रंग)

वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर के प्रत्येक दिशा के लिए एक विशेष रंग उपयुक्त माना जाता है। आइए जानते हैं कि किस दिशा में कौन सा रंग शुभ होता है:

  1. पूर्व दिशा (East) – यह दिशा सूर्य की ऊर्जा से भरपूर होती है।
    • सुझाए गए रंग: हल्का पीला, नारंगी और हल्का गुलाबी।
    • लाभ: सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और मानसिक शांति मिलती है।
  2. पश्चिम दिशा (West) – यह दिशा स्थिरता और उन्नति से जुड़ी होती है।
    • सुझाए गए रंग: हल्का नीला, ग्रे और सिल्वर।
    • लाभ: स्थिरता और समृद्धि का संचार होता है।
  3. उत्तर दिशा (North) – यह दिशा धन, व्यवसाय और करियर के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।
    • सुझाए गए रंग: हल्का हरा, आसमानी नीला।
    • लाभ: धन वृद्धि और व्यावसायिक सफलता में सहायक होता है।
  4. दक्षिण दिशा (South) – यह दिशा अग्नि तत्व से संबंधित होती है।
    • सुझाए गए रंग: हल्का लाल, गहरा नारंगी और मैरून।
    • लाभ: आत्मविश्वास और ऊर्जा में वृद्धि होती है।
  5. ईशान कोण (North-East) – यह दिशा आध्यात्मिक उन्नति और शांति से संबंधित होती है।
    • सुझाए गए रंग: हल्का पीला, सफेद और क्रीम।
    • लाभ: घर में शांति और मानसिक स्थिरता बनी रहती है।
  6. नैऋत्य कोण (South-West) – यह दिशा रिश्तों और स्थिरता से जुड़ी होती है।
    • सुझाए गए रंग: मिट्टी का रंग, हल्का भूरा और सुनहरा पीला।
    • लाभ: स्थिरता और रिश्तों में मजबूती आती है।
  7. वायव्य कोण (North-West) – यह दिशा व्यापार और रिश्तों के लिए महत्वपूर्ण होती है।
    • सुझाए गए रंग: हल्का ग्रे, चांदी जैसा सफेद।
    • लाभ: व्यावसायिक प्रगति और सामाजिक संबंधों में सुधार होता है।

घर के रंगों हेतु वास्तु टिप्स

यदि आप घर के बाहरी रंगों को वास्तु शास्त्र के अनुसार चुनना चाहते हैं, तो निम्नलिखित वास्तु टिप्स को अपनाएं:

  1. गहरे और काले रंगों से बचें – घर के बाहरी दीवारों के लिए काले, गहरे नीले और गहरे भूरे रंग से बचना चाहिए क्योंकि ये नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित कर सकते हैं।
  2. हल्के और सकारात्मक रंग चुनें – हल्के और प्राकृतिक रंग सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाते हैं और घर को शांतिपूर्ण बनाते हैं।
  3. मुख्य द्वार के लिए शुभ रंग चुनें – घर का मुख्य द्वार वास्तु के अनुसार बहुत महत्वपूर्ण होता है। यदि आपका मुख्य द्वार उत्तर में है तो सफेद या हल्का हरा रंग उपयोग करें, पूर्व में है तो हल्का नारंगी या पीला रंग उपयुक्त रहेगा।
  4. मौसम और स्थान के अनुसार रंग चुनें – गर्म इलाकों में हल्के और ठंडे रंग जैसे सफेद, हल्का नीला आदि बेहतर होते हैं, जबकि ठंडे इलाकों में हल्का नारंगी या पीला रंग अधिक प्रभावी होता है।
  5. घर के बाहरी रंगों को नियमित रूप से सुधारें – समय-समय पर बाहरी दीवारों का रंग बदलना और ताजगी बनाए रखना जरूरी है, ताकि नकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश न कर सके।

निष्कर्ष

घर के बाहर का रंग कैसा होना चाहिए यह वास्तु शास्त्र के अनुसार बहुत महत्वपूर्ण होता है। सही रंगों के चयन से न केवल घर की सुंदरता बढ़ती है, बल्कि यह सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि को भी आकर्षित करता है। घर के रंगों हेतु वास्तु टिप्स अपनाकर आप अपने घर में सुख-शांति और खुशहाली सुनिश्चित कर सकते हैं।

अगर आप वास्तु के अनुसार अपने घर का रंग चुनना चाहते हैं, तो इन दिशानिर्देशों का पालन करें और अपने जीवन में शुभता और समृद्धि का अनुभव करें।

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